Health Tips

घर के अंदर मौजूद वायु प्रदूषण से बचाव जरूरी

औसतन एक व्यक्ति अपने जीवन का 85 फीसदी समय घर या दफ्तर में बिताता हैं। ग्रामीण और शहरी इलाकों में अधिक आबादी, घरों का ठीक से हवादार न होना, रहन सहन के दोषपूर्ण और खाना पकाने के लिए बायोमास के इस्तेमाल के चलते इंडोर एयर पॉल्यूशन का जोखिम बढ़ता है।
इंडोर एयर पॉल्यूशन का एक और आम स्रोत है खाना पकाने के लिए चूल्हों का इस्तेमाल, वॉटर हीटर, ह्मयूडीफायर शोधक, बिना रखरखाव वाले एसी सिस्टम वगैरह। इसकी वजह से सबसे ज्यादा खतरा अस्थमा और एलर्जी से प्रभावित मरीज को रहता है।
घर के अंदर धूम्रपान करना भी प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। सांस की तकलीफ के अलावा श्वसन तंत्र की कोशिकाओं को क्षति पहुंच सकती है। सम्भवतः कैंसर भी हो सकता है। फेफड़ों और ह्रदय पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

बचाव के उपाय

भीतर के प्रदूषण रोकने के लिए किचन में चिमनी और बाथरूम में एग्जॉस्ट पंखा लगवाए। होम अप्लायंसेज की समुचित सफाई करते रहे। घर में धूल मिट्टी पर नियंत्रण रखें। गलीचों, कम्बलों व बिस्तरों आदि साफ और सूखा रखें। वैक्यूम क्लीनिंग या गीला पोछा लगाएं। सफाई व पेंटिंग के वक़्त दरवाजे और खिड़कियां खुली रखें। बन्द कमरों में हीटर जलाकर न छोड़े।

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